घमासान! जीतेगा कौन ? राज्य सरकार या छात्र नेता, नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाएगी

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Niyojan neeti protest: झारखंड उच्च न्यायालय नियोजन नीति रद्द होने के बाद सड़क पर युवा उतर गए हैं। युवाओं का साफ कहना है कि ऐसी नियोजन नीति बनाने के पीछे सरकार को रोजगार देना नहीं है जहां दसवीं और बारहवीं झारखंड के संस्थान से ही होना चाहिए। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन के देवेंद्र नाथ वं राजेश ओझा ,छात्र नेता मनोज यादव, सतनारायण शुक्ला, गुलशन सिन्हा, लाडले खान, गुलाम हुसैन, योगेश चंद्र भारती, कुणाल प्रताप सिंह, ऐश्वर्या, चंदन कुमार,संजीव , कुमार देवेंद्र , इमाम शफी  की मांग है कि झारखंड सरकार खतियान-आधार  के तहत नए तरीके से 15 दिन के अंदर नियोजन नीति लागू करें।

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यही झारखंड के युवाओं के लिए अच्छा है। परंतु झारखंड सरकार छात्रों के के युवाओं का समय बर्बाद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। इसमें देखने की बात है कि कौन जीतेगा झारखंड के छात्र नेता झारखंड सरकार ।

झारखंड के शिक्षा मंत्री के बयानों से छात्र नेता ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय के नियोजन नीति 2021  के फैसले को रद्द के खिलाफ  सुप्रीम कोर्ट सरकार जाती है तो सिर्फ युवाओं के साथ छलावा है।

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झारखंड सरकार से बड़े-बड़े सीरियल वकील मुकुल रोहतगी लोगों ने पैरवी किया फिर भी सरकार हार गई सुप्रीम कोर्ट में यही होगा क्योंकि वर्तमान नियोजन नीति 2021 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 का उलंघन है।

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