झारखंड के लिए देह व्यापार एक अभिशाप :चीफ जस्टिस

0 minutes, 2 seconds Read

Ranchi अशिक्षा और अंधविश्वास झारखंड के ग्रामीण इलाकों में काफी अंदर तक फैला है। जिसके कारण दुष्परिणाम भी समय-समय पर सामने नजर आते हैं। इस कड़ी में महिला उत्पीड़न और देह व्यापार का रोकथाम पर राज्य स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस रांची के जुडिशल एकेडमी में आयोजित किया गया था।

जिसमें मुख्य अतिथि झारखंड के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र थे। महिला उत्पीड़न कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता से जुड़ी पुस्तक के विमोचन के साथ किया गया। झारखंड समेत दूसरे राज्यों से आए न्यायाधीशों ने महिला उत्पीड़न की रोकथाम करने के लिए तरह-तरह के व्याख्यान दिए।

Whatsapp Group
See also  झारखंड शिक्षक नियुक्ति नियमावली में भेदभाव, राज्यपाल के पास पहुंचा मामला–

चीफ जस्टिस झारखंड संजय कुमार मिश्र ने बताया कि झारखंड के लिए व्यापार और महिला उत्पीड़न एक संवेदनशील विषय है अक्सर इस तरह की घटना पुलिस के नजदीकी परिवार द्वारा ही किया जाता है। घटना के बाद सबसे बड़ी जिम्मेवारी आरोपी को सजा दिलाने को लेकर है।

इसमें पुलिस अधिवक्ता और न्यायाधीशों की अहम भूमिका होती है। साथ-साथ चीफ जस्टिस ने कहा कि झारखंड के लिए व्यापार एक अभिशाप है। जिसे रोकना अति आवश्यक है। जागरूकता के माध्यम से ही इसे रोका जा सकेगा।

See also  उपायुक्त ने लगाया पंचायत सचिव व रोजगार सेवक को फटकार

न्यायाधीश एसके द्विवेदी ने कहा कि झारखंड में इस तरह के मामलों की संख्या ज्यादा से ज्यादा है जिसके कारण जागरूकता व तुरंत न्याय ही बचाव का रास्ता हो सकता है इस कार्यक्रम में झारखंड के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर जस्टिस उदित नारायण प्रसाद जस्टिस उपाध्याय गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस सोगानी के अलावा अधिवक्ता और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे

Share this…

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *