कुछ पारा शिक्षकों के लिए बुरीखबर तो कुछ के अच्छी, लौटाने होगी कमाई सैलरी या जाना होगा जेल!

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Para teacher News झारखंड सरकार के द्वारा पारा शिक्षकों को (सहायक शिक्षक) बनाया गया साथ ही साथ परमानेंट कर दिया गया। लेकिन कुछ पारा शिक्षकों के लिए हुआ अभिशाप साबित क्योंकि झारखंड सरकार मानदेय को बढ़ाने को लेकर सारे पारा शिक्षकों का फर्जी सर्टिफिकेट की जांच कर रही है।

शिक्षकों के सर्टिफिकेट जांच करने के दौरान ऐसे भी कुछ पारा शिक्षक निकले जिनकी सर्टिफिकेट फर्जी पाई गई। साथ ही साथ कुछ ऐसे भी रहे जो सर्टिफिकेट जमा करने से पहले ही त्याग पत्र दे दिया। ऐसे में राज्य सरकार के द्वारा पारा शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कर ते हुए कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

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साथ ही साथ कमाई गई सैलरी को भी वसूलने का निर्णय लिया गया है। झारखंड राज्य में 61000 से अधिक पारा शिक्षकों की सर्टिफिकेट जांच चल रही है, जो  31 दिसंबर तक जांच करनी थी लेकिन इसे 31 जनवरी तक जांच करने का निर्देश दिया गया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 8000 शिक्षकों की सर्टिफिकेट का जांच होना अभी बाकी है। लगभग 500 पारा शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने सर्टिफिकेट जांच के लिए आवेदन नहीं किया और कुछ ऐसे हैं जो परित्याग दे दिए लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे। और जिन्होंने सर्टिफिकेट दिया लेकिन फर्जी में निकल गया।

इन सभी शिक्षकों पर शिक्षा विभाग अलग से करवाई करने का निर्देश प्रत्येक जिले को दिया है।  झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की  परियोजना निदेशक किरण कुमार पासी डीईओ को कहा है कि वैसे पारा शिक्षक सहायक शिक्षक जिनका प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। उन्हें झारखंड (सहायक अध्यापक) सेवा नियमावली के अनुसार मानदेय की वसूली की जाए प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए

कितने शिक्षकों पर होगी कानूनी कार्रवाई

500 शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने सर्टिफिकेट जांच करने हेतु आवेदन नहीं दिया और त्यागपत्र दे दिया लंबे समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। 133 पारा शिक्षकों ने सर्टिफिकेट जांच के दौरान नौकरी छोड़ दी और त्यागपत्र दे दिया 107 पारा शिक्षक जो लंबे समय से स्कूल में उपस्थित नहीं हो रहे।

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी डीएसओ को पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का निर्देश दे दिया है। वैसे सभी पारा शिक्षक जिन्होंने प्रमाण पत्र सत्यापित के लिए नहीं जमा किया। उन्हें सेवा मुक्त करने की कार्रवाई कर दी जाए।

साथ ही साथ जनवरी 2023 में मानदेय का भुगतान ना हो इसे सुनिश्चित भी किया जाए।  लंबे समय से पारा शिक्षकों को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर 31 जनवरी के बाद पारा शिक्षकों का आकलन परीक्षा होना है । इसी के मद्देनजर जो भी पारा शिक्षकों की सर्टिफिकेट जांच अभी तक नहीं हो पाई है 31 जनवरी से पहले रिपोर्ट मांगी गई है 31 जनवरी के बाद कभी भी विभाग आकलन परीक्षा ले सकती हैं।

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