नई दिल्ली। राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद महाविद्यालय में मंगलवार को भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह थे। अतिथि के रूप में महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. बलराम पाणि, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डाॅ. विकास गुप्ता और महाविद्यालय के चेयरमैन डाॅ. जिगर इनामदार मौजूद रहे। संचालन कर रहे विवि के एनसीसी अधिकारी मेजर प्रो. संजय कुमार ने काव्यमय पंक्तियों से कुलपति और अतिथियों की अगवानी की तो अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगीत और वंदे मातरम् के गायन के साथ कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विवि में रामलाल आनंद महाविद्यालय की विशिष्ट पहचान है। यह मूल्यों के संस्कार निभाने का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यह विद्यार्थियों को अच्छा नागरिक बनाने का काम जिम्मेदारी से कर रहा है। विश्वविद्यालय का मान बढ़ाने का काम कर रहा है। इसी कड़ी में आज यह वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मरणोत्सव मनाने की दिशा में आयोजन कर रहा है।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने ‘राष्ट्र की चेतना का गान वंदे मातरम्‘ गीत की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा कि वंदे मातरम् ने भारत के जनमानस को जगाने का काम किया है। बीते 150 वर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष के दिन रहे हैं। अंग्रेजों से छुटकारे के दिन रहे हैं। देश के बनने के दिन रहे हैं। इस भाव को आज की पीढ़ी को समझने की आवश्यकता है।
आज की पीढ़ी इस बात का अच्छे से स्मरण करे, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वर्ष तक वंदे मातरम् का स्मरणोत्सव मनाने की मुहिम शुरू की है। संसद के दोनों सदनों में चर्चा हुई है, जिसे देश और दुनिया ने देखा है। कुलपति ने विद्यार्थियों को वंदे मातरम् का महत्व बताते हुए कहा कि जब भी राष्ट्र भक्ति की बात होगी वंदे मातरम का उल्लेख किया जाएगा।
उन्होंने इसी सन्दर्भ में ‘जागृति’ और ‘आनंदमठ’ फिल्में देखने और महाविद्यालय में उनकी स्क्रीनिंग कराने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि आज देश की चिंता कम लोग अपनी चिंता ज्यादा करते हैं। वंदे मातरम् इसके विपरीत देश और समाज को मजबूत बनाने का संदेश देता है। इस संदेश को मजबूती देने के लिए हम शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी है। हम जिस पीढ़ी को पढ़ा रहे हैं वह आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के दौरान जिम्मेदार और बड़े पदों पर होगी। वह पीढ़ी देश को आगे ले जाएगी। अपना वक्तव्य पूरा होने के साथ कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्वदेशी सोच अपनाने की शपथ दिलाई।
रामलाल आनंद महाविद्यालय के चेयरमैन डाॅ. जिगर इनामदार ने कहा कि इतिहास को याद करने के साथ हमें वर्तमान को सुधारना होता है। उसे सुधारने के साथ अपने को सुधारना होता है। हम अपने को ठीक करने के लिए कितना सोचते हैं। हमें जो जिम्मेदारी दी गई है उसे हम कितना प्रामाणिक ढंग से करते हैं। हमें जो काम दिया गया है उसे प्रामाणिकता से करें वही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इससे पहले रामलाल आनंद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार गुप्ता ने वंदे मातरम् के स्मरणोत्सव रूपी आयोजन में अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय को दिशा और गति देने का काम किया है। वह लगातार ऊंचाइयों की तरफ बढ़ रहा है। अपने अब तक के कार्यकाल में आपने वर्षों से रुकी करीब पांच हजार स्थायी नियुक्तियां की हैं। करीब नौ हजार लोगों के प्रमोशन हुए हैं। दो हजार से अधिक योजनाओं को मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला यह देश का पहला विश्वविद्यालय है। आपके काम की प्रतिबद्धता को देखकर ही हमने उसे महाविद्यालय में लागू करने की कोशिश की है।
प्राचार्य ने कहा कि सूर्य और आशा से किरण निकलती है, जो अंधकार को मिटा देती है। यही किरण कुलपति जी के नेतृत्व में महाविद्यालयों में पहुंची। उसी की देन है कि महाविद्यालय में 80 स्थायी नियुक्तियां हुईं। पूरा महाविद्यालय एंयर कंडीशन है। सभी कक्ष स्मार्ट क्लास से लैस हैं। कौशल विकास के तहत दस स्किल सेन्टर काम कर रहे हैं।
इसमें महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. बलराम पाणि, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी सहित सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। अंत में एनएसएस और एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे ग्रीन कैम्पस-क्लीन कैम्पस अभियान की रिपोर्ट का विमोचन अतिथियों ने किया। विमोचन की औपचारिकता विश्वविद्यालय के एनएसएस अधिकारी डाॅ. नरेन्द्र विश्नोई और एनसीसी अधिकारी मेजर प्रो. संजय कुमार ने पूरी कराई।
एम्फी थिएटर के ग्राउंड फ्लोर पर हुए समारोह में सबसे पहले कुलपति का स्वागत प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार गुप्ता ने शाल और पौधा भेंट कर किया। महाविद्यालय अधिष्ठाता का स्वागत उपप्राचार्य प्रो. प्रेरणा दीवान ने किया। दक्षिणी परिसर निदेशक का स्वागत कल्चर कमेटी की संयोजक प्रो. मुक्ता दत्ता मजूमदार ने किया। रजिस्ट्रार का मेजर प्रो. संजय कुमार तो चेयरमैन का स्वागत स्टाफ एसोसिएशन की सचिव प्रो. वंदना गुप्ता ने किया। दस्तूर की टीम ने सरस्वती वंदना पेश की। अंत में राष्ट्र गान का सामूहिक गायन हुआ।
विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण समारोह का लाइव प्रसारण एम्फी थिएटर के प्रथम तल पर किया गया। इस मौके पर हिंदी पत्रकारिता के संयोजक प्रो. राकेश कुमार, शिक्षक प्रो. प्रदीप शर्मा, प्रो. अर्चना गौड़, प्रो. राजेश सचदेवा, प्रो. सीमा गुप्ता, डाॅ. रीटा जैन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
