JPSC cut off से 4 नंबर अधिक, नहीं हुआ सिलेक्शन, (7 -10)वीं JPSC रिजल्ट ही धोखा

0 minutes, 1 second Read

सातवीं से दसवीं जेपीएस परीक्षा एक साथ लेकर झारखंड के हेमंत सरकार ने जेपीएससी की संख्या तो बढ़ाई परंतु पूरा परीक्षा ही विवाद लेकर बैठ गया।

विवाद तब से शुरू हुआ जब से पीटी रिजल्ट आया यूं कहें परीक्षा के दिन से ही। एक ही क्लास रूम के सीरियल रोल नंबर के हिसाब से बच्चों का सिलेक्शन कर देना इस परीक्षा में साबित हो चुका  कि परीक्षा में धांधली हो चुका है।

Whatsapp Group

जेपीएससी को इसी को देखकर परीक्षा रद्द कर फिर से लेना चाहिए था। JPSC का मनसा ईमानदार अफसर लेना नहीं बल्कि धांधली करवाना मकसद था।

See also  सभी थाना प्रभारियों को कोडरमा एसपी का दिशानिर्देश

हड़बड़ी में जेपीएससी की मुख्य परीक्षा ली गई। जेपीएससी अभ्यर्थी आंदोलन करते रह गए ।दरकिनार किया गया कुछ अभ्यार्थी को जेल भी डाला गया।

परंतु रिजल्ट हुआ वही जो सब को पहले से मालूम था। पहले जेपीएससी कट ऑफ जारी करने को तैयार नहीं थी और जब कटऑफ जारी किया तो रिजर्वेशन ही हटा दिया।

एक विद्यार्थी कम कुल मार्क्स 536 है जनरल ओबीसी ईडब्ल्यूएस bc,1bc2 कैटेगरी का कट ऑफ मार्क्स 532 है। कट ऑफ मार्क्स 4 नंबर ज्यादा है।

विद्यार्थी का सिलेक्शन इसलिए नहीं किया गया रिमार्क्स में लिख दिया गया कि यह विद्यार्थी का मार्क्स कट ऑफ मार्क्स कम है।

See also  JSSC CGL : 21 और 22 सितंबर को हुई CGL परीक्षा रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

हो सकता है आने वाले समय में ऐसे परीक्षा फल का रिजल्ट और भी देखा जा सकता है।

Share this…

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *