JPSC-JSSC फर्जीवाड़े के बीच अभय तिवारी कैसे बने धनकुबेर? कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच तेज

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*JPSC-JSSC News  झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच के बीच अब जांच एजेंसियां टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। जांच में जमशेदपुर के मार्ट, लातेहार की शराब दुकानों, होटल, मैनपावर कंपनी और जमीन कारोबार में कथित निवेश की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित रकम किन रास्तों से अलग-अलग कारोबारों तक पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

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FRO-ACF भर्ती में 5.5 करोड़ की कथित वसूली का आरोप

जांच के अहम पहलू के तौर पर FRO और ACF भर्ती का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन भर्तियों में करीब 5.5 करोड़ रुपये की कथित वसूली हुई। पूछताछ के दौरान अभय तिवारी के बयान में इस रकम का जिक्र सामने आने की बात कही जा रही है। उम्मीदवारों से पद के अनुसार कथित तौर पर 20 से 35 लाख रुपये तक लिए जाने के आरोपों की भी जांच हो रही है।

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दो मार्ट और शराब दुकानों में कथित निवेश

जमशेदपुर के दो मार्ट में कथित निवेश तथा लातेहार की दो शराब दुकानों से जुड़े लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा होटल, मैनपावर कंपनी और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े कारोबार भी एजेंसियों के रडार पर बताए जा रहे हैं।

JSSC JE पेपर लीक से भी जुड़ रहा कनेक्शन

जांच के दौरान JSSC जूनियर इंजीनियर पेपर लीक मामले का एंगल भी सामने आया है। मुंबई से गिरफ्तार आरोपी अरुण शर्मा के कथित कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।

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फिलहाल जांच एजेंसियां कथित आर्थिक लेन-देन की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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Ojha Rajesh Purohit

Senior Journalist

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