JSSC: मात्र 30 अंक चाहिए झारखण्ड में सरकारी शिक्षक बनने के लिए, अगर आप भी ला सकते है तो बने

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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के द्वारा सहायक आचार्य नियुक्ति का विज्ञापन जारी हुआ था तो इनमें कुछ विषयों को हटा दिया गया था।  जिसको लेकर अभ्यर्थियों  ने जोरदार विरोध किया।   JSSC द्वारा सहायक आचार्य के पद के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में अभ्यर्थी संस्कृत, उर्दू ,उड़िया और बांग्ला भाषा में भी पेपर दे पाएंगे।

बताते चले कि फर्स्ट चरण में 26001 पद पर सहायक आचार्य पद की नियुक्ति होनी है।

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अभ्यर्थी  परीक्षा के पहले प्रश्नपत्र में मातृभाषा के रूप में पूर्व निर्धारित 11 भाषाओं के अतिरिक्त इन भाषाओं में से भी किसी एक भाषा का चयन कर पाएंगे। अभ्यर्थी पोर्टल पर 8 अगस्त से 7 सितंबर 2023 तक आवेदन कर पाएंगे।

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 मेधा सूची में नहीं जुड़ेगी अंक, पर लाने होंगे 30 अंक

पहले निर्धारित 11 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, संताली, मुंडारी, हो,कुरमाली,खोरठा, नागपुरी खड़िया कुडुख (उरांव), और पंचपरगनिया था। जिन चार विषयों को बाद में सम्मिलित किया है, जिसमें 100 में 30 अंक लाना जरूरी होगा। हालांकि इसके अंक मेधा सूची में नहीं जुड़ेंगे। दूसरे पत्र के लिए अधिसूचित भाषाओं में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।

आरक्षण का लाभ:-

आयोग ने  परीक्षा के नाम में भी संशोधन किया है। सहायक आचार्य के पदों पर नियुक्ति में खिलाड़ियों के आरक्षण में प्रतिस्पर्धा के मानकों में भी संशोधन किया गया है।   आरक्षण का लाभ लेने के लिए भारतीय ओलिंपिक संघ अथवा उससे संबद्ध फेडरेशनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मेडल की जगह द्वितीय/तृतीय स्थान लाना अनिवार्य होगा।

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इसी तरह, झारखंड ओलिंपिक संघ अथवा उससे संबद्ध संघों द्वारा आयोजित आधिकारिक राज्य चैंपियनशिप में प्रथम स्थान लाने एवं राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करने वाले खिलाड़ियों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा।

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