कस्तूरबा विद्यालय छात्रा रात में निकल कर भाग गई, मामला हैरान कर देने वाली है!

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खूंटी जिला में स्थित खूंटपानी कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं रविवार की रात में विद्यालय से निकलकर 17 किलोमीटर दूर चाईबासा उपायुक्त कार्यालय पहुंच गई।

61 छात्राओं को कार्यालय में देख शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शिक्षा विभाग व प्रशासन ने समझा-बुझाकर वाहन से छात्राओं को स्कूल भिजवा दिया। Deo  DSO  ने स्कूल छात्राओं और वार्डन तथा शिक्षकों के बैठक बीच कर समस्या को जाने।

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छात्राओं ने बताया कि विद्यालय की कमी बताने के लिए 7 दिन पूर्व भी स्कूल से निकली थी। गांव के लोगों ने उसे रोक लिया।

अगर छात्राओं की समस्या पहले सुलझा दी गई होती, तो  रात में निकलने की मजबूरी नहीं आती लेकिन स्कूल प्रबंधन ने मामला दबा दिया और समाधान के जगह हम सभी छात्राओं को ही धमकाना शुरू कर दिया।

विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहे हैं विद्यालय की सुरक्षा में हॉस्टल स्कूल बाउंड्री तीन गेट पर ताले लगे हैं। सभी खोल दिए गए हैं।

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469 छात्राओं की सुरक्षा के लिए मात्र 2 महिला और रात में एक पुलिस गार्ड तैनात रहते हैं। वह भी रात में सोता रहता है ।जिसके कारण छात्राएं के निकलने की भनक स्कूल प्रबंधन तक नहीं पहुंचा ।

कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की मांग है कि पढ़ाई पूरी कराई जाए। वार्डन बदला जाए, स्कूल की कमियों को दूर किया जाए। समस्याओं का समाधान किया जाए। स्कूल की शिक्षक और गार्ड पर कोई करवाई ना हो।

मुखिया ने स्कूल के बारे में कही बात

स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्थानीय मुखिया ने कहा कि स्कूल के बारे में हमेशा शिकायत मिलती रहती है। स्कूल की कमियां और शिकायत के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को हमारे द्वारा पूर्व में भी जानकारी दी गई थी। लेकिन शिक्षा विभाग की लचर रवैया के कारण ही यह  घटना घटी।

छात्राओं ने स्कूल की वार्डन सुशीला टोपनो पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। छात्राओं ने वार्डन पर जबरन पैसा वसूली की बात कही। छात्राओं सफाई के नाम पर पैसा वसूले जाते हैं। स्कूल आने वाले लोगों को स्कूल की कमी नहीं बताने का दबाव दिया जाता है।

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जबरन शौचालय नाली व गंदगी की साफ कराई जाती है। भोजन में न्यू के आधार से भोजन नहीं दिया जाता है, विद्यालय में प्रत्येक विषय शिक्षक नहीं है, कोर्स पूरा नहीं होता है।

स्कूल से मिलने वाली सामग्री में भी कटौती कर ली जाती है, सोने के लिए बेड में गद्दा नहीं दिए जाते है।

पश्चिमी सिंहभूम के प्रभारी दिए वह ललन सिंह ने कहा कि विद्यालय में बैठकर छात्राओं की समस्या की जानकारी ले ली गई है। उपायुक्त को अवगत करा दिया गया है अब भरोसा दिया है कि जल्द से जल्द छात्राओं की मांग सुलझा लिया जाएगा।

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