अर्जुन साव मर्डर केस में आया नया मोड़, हाईकोर्ट ने CID जांच को बताया गलत

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रांची डोमचांच के ढिबरा व्यवसाय अर्जुन साव के मर्डर केस में नया खुलासा सामने बाहर आया है। अर्जुन साव के बेटे वीरेंद्र कुमार से के द्वारा डाली गई क्रिमिनल लिस्ट 11 सितंबर 2023  की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना की सीआईडी कोर्ट से सच्चाई छुपा रही है।

बार-बार मौका देने के बावजूद सही एफिडेविट ना देख करके  सच्चाई छुपाने का कोशिश किया गया। आपको बता दें कि  याचिकाकर्ता  के वकील के द्वारा जैसे ही दो फोटोग्राफ  कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया गया कोर्ट ने माना कि प्रथम दृश्य अर्जुन साव का  मर्डर किया गया है।

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आपको जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल 13 अप्रैल 2022 को अर्जुन साव का मर्डर के थाना प्रभारी  शशिकांत व अन्य  पुलिसकर्मी  के द्वारा किया गया था । ऐसा आरोप मृतक के पुत्र द्वारा लगाया गया।  पुलिस अधीक्षक कोडरमा के निर्देश प्राथमिकी दर्ज  कर लिया गया था।

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साथ ही साथ आरोपी पुलिस कर्मी को सस्पेंड कर दिया गया  आरोपी पुलिसकर्मी सीआईडी द्वारा दोष मुक्त होने के बाद निलंबन को खत्म कर दिया गया है।

हाई कोर्ट में पुलिस अधीक्षक कोडरमा डीजीपी झारखंड को द्वारा दाखिल एफिडेविट में मौत का कारण हृदय घात बताया गया आपको बताते चले कि मृतक के शरीर में गंभीर चोट के निशान के साथ-साथ  मृतक के शरीर को जलाने की कोशिश की गई थी।

याचिकर्ता बिरेंद्र कुमार से द्वारा बताया गया कि पुलिस अधीक्षक ने पद का दुरुपयोग कर सदर अस्पताल के डॉक्टर पर दबाव बनाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट गलत बनाया गया।  डॉक्टर रिपोर्ट से सच्चाई को छुपाने की कोशिश की गई  ।

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पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी की गई होगी तो उसमें साफ-साफ देखा जा सकता है कि शरीर पर जलाए जाने का निशान होगा। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है हमारे पिता को न्याय मिलेगा। हत्यारों को सलाखों के पीछे जाना ही होगा।

 

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