झारखंड में कॉन्ट्रैक्ट नौकरी खत्म ,अब सब हो जाएंगे सरकारी कर्मचारी

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बेरोजगारी की समस्या को लेकर पूरा देश में युवक युवक के माता-पिता और रिश्तेदार सब परेशान हैं। बेरोजगारी की मार इतना सता रही है कि लोग किसी न किसी जॉब में संविदा पर कार्य करने लगे हैं।

लेकिन झारखंड के संविदा पर काम कर रहे लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। झारखंड शिक्षा परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मी को हाईकोर्ट ने नियमित करने का आदेश दे दिया है।

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हाई कोर्ट झारखंड शिक्षा परियोजना में कार्यरत प्रार्थी के अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता और पिंकी साहू की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सेवा शर्त नियमावली अधिनियम 2015 के तहत नियमित करने की मांग की गई थी।

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जिसे झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत ने झारखंड शिक्षा परियोजना देवघर में संविदा पर कार्य कर रहे प्रोफेसर  अलका कुमारी को नियमित करने का आदेश दे दिया है।

अलका कुमारी बीते 14 साल से संविदा पर कार्यरत है। सेवा शर्त नियमित करने की अधिनियम 2015 के तहत उसे नियमित किया जाना चाहिए। और ऐसे संविदा कर्मी जो इस नियम के प्रावधानों के तहत अपना संविदा की अवधि पार कर ली है उसे भी नियमित किया जा सकता है।

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अलका कुमारी के अधिवक्ता द्वारा उमा देवी व नरेंद्र तिवारी केस का भी हवाला देकर कहा जिसे अदालत ने सही माना और परियोजना निदेशक को 6 सप्ताह के अंदर कानूनन उसे नियमित करने का आदेश दे दिया है। ऐसे में और भी संविदा कर्मी का के लिए खुशखबरी आ गई है।

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